Anxiety एक ऐसी प्रोब्लम जो तेजी से बड़ रही है । एक समय वह था जब लोग Anxiety शब्द से परिचित ही नहीं थे वहीं आज चाहे किसी से भी बात करो वो फिर चाहें बच्चे हो या बुजुर्ग सबकों किसी न किसी बात की चिंता लगी रहती है। आज के दौर यह एक आम बीमारी हो चुकी है। एक शोध के अनुसार कोविड 19 के दौरान एनजाइटी के मामलों सर्वाधिक बढ़ोतरी देखी गई थी। चलिये जानते है क्या है एनजाइटी और क्या है इससे बचने के उपाय।
क्या है Anxiety ?
हमारे दैनिक जीवन में दिन-प्रतिदिन कुछ न कुछ छोटी-बड़ी घटनायें होती रहती है, एक सामान्य व्यक्ति जिसे एनजाइटी नहीं है वह इन्हें नजरंदाज कर देता है और अपना सामान्य जीवन जी रहा होता है वहीं यदी कोई अन्य व्यक्ति इन्हें नजरंदाज करने में सझम नही है वह समान्य बात पर घबरा जाता है,उसे बैचेनी होने लगती है, बार-बार उसी बात को सोचने लगता है और तनाव में आ जाता है तो यह एनजाइटी है । बेहद आसान शब्दों में यदि चिंता और डर की भावनायें जब इतनी बड़ने लगे की नियंत्रण से बाहर हो जाए तो यह एनजाइजी है।
क्या है Anxiety के लक्षण?
मनोचिकित्सक प्रवीन त्रिपाठी के अनुसार Anxiety के लक्षण दो प्रकार के होते है पहले मानसिक लक्षण और दूसरे शारीरिक लक्षण । मानसिक लक्षण उन लोगों में होते जिनमें चिंता करने कि टेंडेसी सामान्य से ज्यादा होती । इनमें हर छोटी से छोटी बात की चिंता होती सामान्यता इस प्रकार व्यक्तियों में नाकारात्मक विचार आते रहते । दूसरे शारीरिक लक्षण जो निम्न हो सकते है
- हार्ट बीट का बढ़ जाना
- बैचेनी
- घबराहट
- असहजता महसूस करना
- शारीरिक दर्द
- बार-बार पेट खराब होना , बार-बार मूत्र के लिए जाना
- पसीना आना
- सांस फूलने लगना
- नकारात्मक विचार पर काबू न पा पाना
- चक्कर आना
- जी मचलाना
- लोगो के सामने जाने से डर लगना भी एनजाइटी का लक्षण है
- अंखो के सामने तैरते हुए बिंदु दिखाई देना
- नींद की समस्या
''दिये गए उपायों को अपनाने से एनजाइटी और स्ट्रेस अच्छे खासे लेबल तक कम हो जाएगा , आप ज्यादा फोकस कर पायेगे और बहुत अच्छी नींद आयेगी । इसके आलावा अगर आप इन्हें अपनी दिनचर्या में नियमित जोड़ते है तो हार्ट रेट ,वजन , ब्लड प्रेशर भी कम होगा।''




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