एनजाइटी से मुक्ति: बिना दवा के 5 प्रभावी तरीके

 Anxiety एक ऐसी प्रोब्लम जो तेजी से बड़ रही है । एक समय वह था जब लोग Anxiety शब्द से परिचित ही नहीं थे वहीं आज चाहे किसी से भी बात करो वो फिर चाहें बच्चे हो या बुजुर्ग सबकों किसी न किसी बात की चिंता लगी रहती है। आज के दौर यह एक आम बीमारी हो चुकी है। एक शोध के अनुसार कोविड 19 के दौरान एनजाइटी के मामलों सर्वाधिक बढ़ोतरी देखी गई थी।  चलिये जानते है क्या है एनजाइटी और क्या है इससे बचने के उपाय।


क्या है Anxiety ?

हमारे दैनिक जीवन में  दिन-प्रतिदिन कुछ न कुछ छोटी-बड़ी घटनायें होती रहती है, एक सामान्य व्यक्ति जिसे एनजाइटी नहीं है वह इन्हें नजरंदाज कर देता है और अपना सामान्य जीवन जी रहा होता है वहीं यदी कोई अन्य व्यक्ति  इन्हें नजरंदाज करने में सझम नही है वह समान्य बात पर घबरा जाता है,उसे  बैचेनी होने लगती है, बार-बार उसी बात को सोचने लगता है और तनाव में आ जाता है तो यह एनजाइटी है । बेहद आसान शब्दों में यदि चिंता और डर की भावनायें जब इतनी बड़ने लगे की नियंत्रण से बाहर हो जाए तो यह एनजाइजी है।

क्या है Anxiety के लक्षण?

मनोचिकित्सक प्रवीन त्रिपाठी के अनुसार Anxiety के लक्षण दो प्रकार के होते है पहले मानसिक लक्षण और दूसरे शारीरिक लक्षण । मानसिक लक्षण  उन लोगों में होते जिनमें चिंता करने कि टेंडेसी सामान्य से ज्यादा होती । इनमें हर छोटी से छोटी बात की चिंता होती सामान्यता इस प्रकार व्यक्तियों में नाकारात्मक विचार आते रहते । दूसरे शारीरिक लक्षण जो निम्न हो सकते है 

  • हार्ट बीट का बढ़ जाना
  • बैचेनी

  • घबराहट
  • असहजता महसूस करना
  • शारीरिक दर्द
  • बार-बार पेट खराब होना , बार-बार मूत्र के लिए जाना
  • पसीना आना
  • सांस फूलने लगना
  • नकारात्मक विचार पर काबू न पा पाना
  • चक्कर आना
  • जी मचलाना
  • लोगो के सामने जाने से डर लगना भी एनजाइटी का लक्षण है
  • अंखो के सामने तैरते हुए बिंदु दिखाई देना
  • नींद की समस्या
कैसे पाएं छुटकारा?

चर्चा करेगे उन पावरफुल तरीके जिन्हें अपनी दिनचर्या में जोड़ कर एनजाइटी पर काबू पा सकेगे

शारीरिक रूप से सक्रिय रहे  नियमित एक्सरसाइज करने से मस्तिष्क में रक्त का संचारण बढ़ता है और उसकी कार्यक्षमता  बढ़ती है। मस्तिष्क स्वस्थय महसूस करता जिससे नकारात्मक विचार कम आते और इनपें काबू पाने की मस्तिष्क की कार्यछमता बड़ती है। व्यक्ति स्वस्थय महसूस करता।


ब्रिदिंग एक्सरसाइज और शीतली एक्सरसाइज करें य़े एनजाइटी डिसआर्डर से जल्दी निजात दिलाता है। डीप ब्रिदिंग एक्सरसाईज करें , डीप ब्रिदिंग अर्थात् लम्बी सांस लेके छोड़ना ।

जीवनशैली में बदलाव अस्त-व्यस्त जीवन शैली को सुधारना बेहद जरूरी है । यह केवल एनजाइटी ही बल्की एक स्वस्थय जीवन के लिए बेहद आवश्यक है।

नियमित समय पर खाना और सोना नींद की कमी से मस्तिष्क अपनी पूरी क्षमता के साथ काम नहीं कर पाता जिससे ये नकारात्मक विचारो को काबू करने में सझम नहीं होता जो एनजाइटी डिसअर्डर को जन्म देता। सोने का समय नियत करें।

 7 -8 धण्टे की नींद ले रात को जल्दी सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डाले ।

मेडीटेशन और योगा करते समय पूरे फोकस के साथ करें ऐसे फोकस करे की जैसे भगवान और खुदा के सामने खड़े हो इसका आलावा दिमाग में कोइ भी दूसरा विचार नहीं आना चाहिए। 




''दिये गए उपायों को अपनाने से एनजाइटी और स्ट्रेस  अच्छे खासे लेबल तक कम हो जाएगा , आप ज्यादा फोकस कर पायेगे और बहुत अच्छी नींद आयेगी । इसके आलावा अगर आप इन्हें अपनी दिनचर्या में नियमित जोड़ते है तो हार्ट रेट ,वजन , ब्लड प्रेशर भी कम होगा।''














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