भारत का भौतिक विभाजन

 Exam fun ! learn with smile पर आपका स्वागत है । चलिए करते है इस यात्रा की शुरुआत भारतीय भूगोल के साथ । जब भारतीय भूगोल की बात अती है तो सबसे पहले जानना जरूरी है की भारत का भौतिक स्वरुप कैसा है ? 

  दोस्तो भारत को भौगोलिक आधार पर निम्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता है

  1. हिमालय पर्वत 
  2. उत्तरी मैदान  
  3. प्रायद्वीपीय पठार
  4. केन्दि्य उच्चभूमी
  5. तटीय मैदान 
  6. द्वीप

आगे बढ़ने से पहले NCERT में दिए गए इस मानचित्र के माध्यम से भारत के भौगोलिक स्वरुप को समझने का प्रयास करें 


 

  1.  हिमालय पर्वत 

तीन विभागों में विभाजित किया जाता 

विषेशताएं

  • पश्चिमी , पूर्वी और उत्तर पूर्व हिमालय
  • युवा नवीन वलित पर्वत
  • औसत ऊँचाई 6000 मी.
  • 400 किमी. से 160 किमी. चौड़ाई
  • 2500 किमी लम्बाई
हिमालय की उत्पत्ति
  • भारतीय प्लेट व यूरेशियन प्लेट के टकराव के से उत्पत्ति
  • कोबर के भूसन्नति व प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत उत्तपत्ति के लिए सर्वाधिक मान्य
कोबर का भूसन्नति सिद्धान्त

  • आज के अनुसार 7 करोड़ वर्ष पूर्व हिमालय  के स्थान पर टेथिस भू  सन्नति थी जो उत्तर के अंगारालैण्ड को गोंण्डवाने लैण्ड से अलग करती थी
  • इनके अवसाद तेथिस भूसन्नति में जमा होते रहे जिससे इनका अवतलन होता रहा
  • परिणामस्वरुप दोनों भूमियों में दबाव जनित भू-संचलन हुआ और हिमालय का निर्माण हुआ
प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत

  • 7 करोड़ वर्ष पूर्व यूरेशियन प्लेट की ओर भारतीय प्लेट गतिशील हुई 
  • ये पास आती गई जिनसे टेथिस के अवसादों में वलन पड़ने लगा 
  • हिमालय का उत्थान प्रारंम्भ हुआ

हिमालय का वर्गीकरण
श्रेणी व नदियों के आधार पर किया जाता है

                            श्रेणी के आधार पर

ट्रांस हिमालय
काराकोरम, लद्दाख, जास्कर पर्वत श्रेणियाँ

मुख्य हिमालय
महान, मध्य, बाह्य में विभाजित

                          नदियों के आधार पर 

  • पंजाब हिमालय
सिंध व सतुलज के मध्य ( 560 किमी.)
  • कुमायूँ हिमालय
सतुलज व काली शारदा के मध्य 

सबसे उँची चोटी नन्दा देवी

  • नेपाल हिमालय
काली व तीस्ता के मध्य (860 किमी.)

  • असम हिमालय
तीस्ता व बह्मपुत्र के मध्य (720 किमी.)

दोस्तो हिमालय की इस श्र्खंला में इतना ही आगे बात करेगे केन्दि्य उच्च भूमी की । 



 

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