Exam fun ! learn with smile पर आपका स्वागत है । चलिए करते है इस यात्रा की शुरुआत भारतीय भूगोल के साथ । जब भारतीय भूगोल की बात अती है तो सबसे पहले जानना जरूरी है की भारत का भौतिक स्वरुप कैसा है ?
दोस्तो भारत को भौगोलिक आधार पर निम्न वर्गों में विभाजित किया जा सकता है
- हिमालय पर्वत
- उत्तरी मैदान
- प्रायद्वीपीय पठार
- केन्दि्य उच्चभूमी
- तटीय मैदान
- द्वीप
आगे बढ़ने से पहले NCERT में दिए गए इस मानचित्र के माध्यम से भारत के भौगोलिक स्वरुप को समझने का प्रयास करें
- हिमालय पर्वत
तीन विभागों में विभाजित किया जाता
विषेशताएं
- पश्चिमी , पूर्वी और उत्तर पूर्व हिमालय
- युवा नवीन वलित पर्वत
- औसत ऊँचाई 6000 मी.
- 400 किमी. से 160 किमी. चौड़ाई
- 2500 किमी लम्बाई
हिमालय की उत्पत्ति
- भारतीय प्लेट व यूरेशियन प्लेट के टकराव के से उत्पत्ति
- कोबर के भूसन्नति व प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत उत्तपत्ति के लिए सर्वाधिक मान्य
- आज के अनुसार 7 करोड़ वर्ष पूर्व हिमालय के स्थान पर टेथिस भू सन्नति थी जो उत्तर के अंगारालैण्ड को गोंण्डवाने लैण्ड से अलग करती थी
- इनके अवसाद तेथिस भूसन्नति में जमा होते रहे जिससे इनका अवतलन होता रहा
- परिणामस्वरुप दोनों भूमियों में दबाव जनित भू-संचलन हुआ और हिमालय का निर्माण हुआ
- 7 करोड़ वर्ष पूर्व यूरेशियन प्लेट की ओर भारतीय प्लेट गतिशील हुई
- ये पास आती गई जिनसे टेथिस के अवसादों में वलन पड़ने लगा
- हिमालय का उत्थान प्रारंम्भ हुआ
हिमालय का वर्गीकरण
श्रेणी व नदियों के आधार पर किया जाता है
श्रेणी के आधार पर
ट्रांस हिमालय
काराकोरम, लद्दाख, जास्कर पर्वत श्रेणियाँ
मुख्य हिमालय
महान, मध्य, बाह्य में विभाजित
नदियों के आधार पर
- पंजाब हिमालय
- कुमायूँ हिमालय
सतुलज व काली शारदा के मध्य
सबसे उँची चोटी नन्दा देवी
- नेपाल हिमालय
काली व तीस्ता के मध्य (860 किमी.)
- असम हिमालय
तीस्ता व बह्मपुत्र के मध्य (720 किमी.)
दोस्तो हिमालय की इस श्र्खंला में इतना ही आगे बात करेगे केन्दि्य उच्च भूमी की ।

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